बुधवार, 15 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार में एक ऐतिहासिक दिन रहा। वेदांता लिमिटेड की लंबे समय से प्रतीक्षित डीमेर्जर (विभाजन) पूरी हुई, और इसके चार नए इकाइयों ने स्टॉक एक्सचेंज पर अपना पदार्पण किया। यह कदम केवल एक कॉर्पोरेट पुनर्गठन नहीं था, बल्कि यह निवेशकों के लिए अपने पोर्टफोलियो को फिर से परिभाषित करने का मौका था। सबसे बड़ी खबर यह थी कि वेदांता एल्यूमीनियम मेटल ने अपनी लिस्टिंग को ₹522 प्रति शेयर से शुरू किया, जो पूरे समूह का सबसे प्रदर्शनशील स्टॉक साबित हुआ।
लेकिन कहानी यहीं समाप्त नहीं होती। जब आप चारों नई कंपनियों—वेदांता पावर, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता आयरन एंड स्टील और वेदांता एल्यूमीनियम मेटल—की कीमतों को शेष वेदांता लिमिटेड के साथ जोड़ते हैं, तो प्रति शेयर कुल अंतर्निहित मूल्य लगभग ₹933 तक पहुंच गया। इसका मतलब है कि उन निवेशकों के लिए जिन्होंने 1 मई 2026 की रिकॉर्ड तारीख तक वेदांता के शेयर रखे थे, उनके हाथ में अब पांच अलग-अलग मूल्यवान संपत्तियां हैं।
बाजार में पहला दिन: संख्याएं क्या कह रही हैं?
लिस्टिंग के पहले दिन बाजार का रुझान स्पष्ट था। निवेशकों ने एल्यूमीनियम सेगमेंट पर सबसे ज्यादा भरोसा दिखाया। Moneycontrol की रिपोर्ट के अनुसार, वेदांता एल्यूमीनियम मेटल लिमिटेड ने ₹522 प्रति शेयर की कीमत पर लिस्टिंग की। दूसरी ओर, ऊर्जा और ईंधन सेक्टर में भी स्थिरता देखी गई। वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड ने राष्ट्रीय शेयर बाजार (NSE) पर ₹38 प्रति शेयर पर अपना पदार्पण किया। वहीं, वेदांता पावर लिमिटेड ₹41.8 प्रति शेयर और वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड ₹20 प्रति शेयर पर लिस्ट हुईं।
यहाँ एक महत्वपूर्ण बात ध्यान देने योग्य है: Ventura Securities के विश्लेषण के अनुसार, इन चारों कंपनियों के अलावा, शेष वेदांता लिमिटेड (जो मुख्य रूप से बेस मेटल्स बिज़नेस को संभालेगा) की वैल्यू लगभग ₹311 प्रति शेयर थी। इन सभी को जोड़ने पर, डीमेर्जर से पहले एक वेदांता शेयर का कुल मूल्य ₹933 हो जाता है। यह उस कीमत से काफी अधिक है जिस पर कंपनी का शेयर विभाजन से ठीक पहले कारोबार कर रहा था, जिससे निवेशकों को तात्कालिक लाभ (unlocked value) मिला।
डीमेर्जर की प्रक्रिया और NCLT की अनुमोदन
यह डीमेर्जर रातोंरात नहीं हुआ। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT)नई दिल्ली ने दिसंबर 2025 में इस पुनर्गठन योजना को औपचारिक अनुमोदन दिया था। हालाँकि, इस प्रक्रिया में कई उतार-चढ़ाव आए। Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, वेदांता ने अपनी डीमेर्जर की समयसीमा कई बार बढ़ाई थी—सबसे पहले मार्च 2025 से सितंबर 2025, और फिर मार्च 2026 तक। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा RJ ब्लॉक पर संबंधित खुलाशे के संबंध में आपत्तियों के कारण सुनवाई में विलंब हुआ था।
अंततः, बोर्ड ने 1 मई 2026 को विभाजन की प्रभावी तारीख तय की। चूंकि 1 मई भारत में बैंक और बाजार का छुट्टी का दिन था, इसलिए NDTV Profit ने बताया कि 29 अप्रैल वह आखिरी दिन था जब निवेशक 'कम-डीमेर्जर' (cum-demerger) आधार पर वेदांता के शेयर खरीद सकते थे। 1 मई की रिकॉर्ड तारीख तक डीमैट खाते में वेदांता के शेयर रखने वाले हर शेयरधारक को 1:1 के अनुपात में चारों नई कंपनियों के एक-एक शेयर मिले।
T2T सेगमेंट और निवेशकों के लिए चेतावनी
लिस्टिंग के तुरंत बाद, एक महत्वपूर्ण नियम लागू हुआ। Ventura Securities ने सूचित किया कि चारों नई कंपनियां पहले 10 दिनों के लिए ट्रेड-टू-ट्रेड (T2T) सेगमेंट में रखी गईं। T2T का मतलब है कि इन शेयरों में केवल डिलीवरी आधार पर लेनदेन ही किया जा सकता है; इनtraday (दिन भर के) व्यापार की अनुमति नहीं है। यह कदम बाजार में अस्थिरता को रोकने और स्पेकुलेशन को कम करने के लिए लिया गया था। निवेशकों को सावधान रहना चाहिए क्योंकि ये स्टॉक अभी अपनी निजी पहचान बना रहे हैं।
भविष्य की रूपरेखा: $100 बिलियन की野望
वेदांता के प्रमुख अनिल अग्रवाल ने इस डीमेर्जर को "पोर्टफोलियो के महत्वपूर्ण पुनर्गठन" के रूप में वर्णित किया है। कंपनी के निवेशक संबंधों के दस्तावेजों में कहा गया है कि इसका उद्देश्य "समर्पित, शुद्ध खेल (pure-play) विश्वस्तरीय व्यवसाय इकाइयां" बनाना है। ये इकाइयां न केवल पारंपरिक प्राकृतिक संसाधनों में, बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, डिस्प्ले और तकनीकी क्षेत्रों में भी स्वतंत्र रूप से निवेश कर सकेंगी।
CNBC-TV18 पर एक विशेषज्ञ ने अनुमान लगाया था कि एल्यूमीनियम बिज़नेस अकेला ₹400 प्रति शेयर का हो सकता है, जबकि शेष वेदांता लिमिटेड ₹350-₹380 के बीच ट्रेड कर सकता है। वेदांता की दीर्घकालिक野望 (ambition) यह है कि ये चारों नई कंपनियां अंततः $100 बिलियन की कंपनियों में विकसित हों। आयरन एंड स्टील सेक्टर के संदर्भ में, कंपनी ने 2030 तक 300 मिलियन टन स्टील उत्पादन की क्षमता बढ़ाने की बात कही है, जो वर्तमान 150 मिलियन टन से दोगुना है।
Frequently Asked Questions
वेदांता डीमेर्जर में मेरे शेयर कैसे बदले?
यदि आपने 1 मई 2026 की रिकॉर्ड तारीख तक वेदांता लिमिटेड के शेयर अपने डीमैट खाते में रखे थे, तो आपको 1:1 के अनुपात में वेदांता एल्यूमीनियम मेटल, वेदांता पावर, वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता आयरन एंड स्टील की एक-एक शेयर मिली। आपके पास अब पांच अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों के शेयर हैं।
क्या मैं इन नए शेयरों को आज ही बेच सकता हूं?
हां, लेकिन शर्तों के साथ। लिस्टिंग के पहले 10 दिनों के लिए, चारों नई कंपनियां T2T (Trade-to-Trade) सेगमेंट में हैं। इसका मतलब है कि आप केवल डिलीवरी आधार पर शेयर बेच सकते हैं; intraday ट्रेडिंग की अनुमति नहीं है। 10 दिनों बाद सामान्य ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी।
वेदांता एल्यूमीनियम मेटल की लिस्टिंग कीमत क्या थी?
15 जून 2026 को वेदांता एल्यूमीनियम मेटल लिमिटेड ने ₹522 प्रति शेयर की कीमत पर लिस्टिंग की। यह चारों नई इकाइयों में सबसे उच्च लिस्टिंग प्राइस था, जो बाजार के इस सेक्टर पर सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
डीमेर्जर के बाद वेदांता लिमिटेड क्या करेगा?
डीमेर्जर के बाद, वेदांता लिमिटेड मुख्य रूप से अपने बेस मेटल्स (जैसे ज़िंक, सीसा, तांबा) के व्यवसाय को संभालेगा। कंपनी ने घोषणा की है कि यह नवीकरणीय ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में भी निवेश कर सकती है, लेकिन उसके मुख्य फोकस में अब बेस मेटल्स शामिल हैं।
क्या इस डीमेर्जर से निवेशकों को लाभ हुआ?
हां, वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, चारों नई कंपनियों और शेष वेदांता लिमिटेड का कुल अंतर्निहित मूल्य लगभग ₹933 प्रति शेयर था, जो डीमेर्जर से पहले वेदांता के बाजार मूल्य से काफी अधिक था। इसने निवेशकों के लिए 'अनलॉक्ड वैल्यू' पैदा की।